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Thursday, March 29, 2018

Amazon.com के फाउंडर बेजोस का जीवन परिचय | Jeff Bezos Biography in Hindi

 Amazon.com के फाउंडर जेफ बेजोस  का जीवन परिचय | Jeff Bezos Biography in Hindi... 


एमेजॉन डॉट कॉम एक अमेरिकन मल्टीनेशनल ई -कॉमर्स कंपनी है ,जिसका मुख्यालय सिएटल ,वाशिंगटन में है।  यह विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन रीटेल कंपनी है। कंपनी पुस्तकों की सबसे बड़ी ऑनलाइन विक्रेता है। ,किंडल ई -बुक रीडर का उत्पादन करती है। और क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विसेस प्रदान करने में भी अग्रणी है। 

जेफ़ बेजोस ( जन्म 1964 ) इसके चेयरमैन और सीईओ है। 2011 में कंपनी की आमदनी 48.077 अरब डॉलर थी और मुनाफा 63 करोड़ डॉलर। यहाँ 65600 कर्मचारी काम करते है। 
एमेजॉन की सफलता के मंत्र क्या है ? आखिर इसके संस्थापक जेफ़ बेजोस ने ऐसा क्या किया की ऐमेजॉन संसार में सबसे बड़ी ऑनलाइन रीटेल कंपनी बन गई ? उन्हें ई -कॉमर्स का पितामह क्यों माना जाता है और उन्होंने एमेजॉन को इंटरनेट सेल्स के मॉडल के रूप में कैसे विकसित किया। ऐसा क्या हुआ की 3 कर्मचारियों से शुरू हुई कंपनी में आज 65000 से अधिक कर्मचारी काम करते है ? वे कौन से मंत्र थे ,जिन्हे पढ़कर वे संसार के 26 वे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए और आज उनके पास 18.4 अरब डॉलर की संपत्ति है. 

पूत के पाव पालने में दिख जाते है। यह कहावत बेजोस के जीवन पर पूरी तरह चरितार्थ होती है। ,क्योकि बचपन में बेजोस एक स्क्रूड्राईवर लेकर अपना पालना खोलने की कोशिश करते रहते थे।  जब वे थोड़े बड़े हुए ,तो बिजली के उपकरण में रूचि लेने लगे।  उनके भाई कमरे में बगैर जानकारी के न घुसे ,इसके लिए उन्होंने एक इलेक्ट्रिक अलार्म बनाया। जब बे चौथी कच्छा में थे , तो उनके स्कूल में मेनफ्रेम कंप्यूटर आया।  बेजोस भला यह अवसर कैसे छोड़ देते। चूंकि किसी टीचर को कंप्यूटर चलाना नहीं आता था ,इसलिए बेजोस और उनके साथियो ने मैन्युअल पढ़ -पढ़कर उसे चलाना सीखा। तब कौन जानता था की आगे चलकर वे कंप्यूटर पर ऑनलाइन रीटेल की क्रांति शुरू करने वाले है। 

कंप्यूटर साइंस के विशेषज्ञ जेफ़ बेजोस पढाई पूरी करके न्यूयॉर्क में फंड मैनेजर बन गए अप्रैल 1994 में एक दिन नेट सर्फिंग के दौरान उन्हें पता चला की बेव का उपयोग करने वालो की संख्या हर साल 2300 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। पलक झपकते ही उनके मन में विचार आया ,क्यों न ऑनलाइन बिजनेस शुरू किया जाए। इस विचार को साकार करने के लिए उन्होंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी। यक़ीनन यह बहुत बड़ा जोखिम था। ख़ास तौर पर तब जब उनकी नई नई शादी हुई थी। अब सवाल यह था की नेट पर बेचा क्या जाए ? गहरे विचार मंथन के बाद ,अंततः बेजोस ने पुस्तको को चुना। ...... और बाकी इतिहास है। 

जेफ़ बेजोस ने जुलाई 1994 में अपनी कंपनी की स्थापना की और 1995 में इसकी वेबसाइट शुरू की। बेजोस पहले तो इसका नाम कैडेब्रा डॉट कॉम रखना चाहते थे ,लेकिन तीन महीने बाद उन्होंने इसका नाम बदलकर एमेजॉन डॉट कॉम कर दिया। उन्होंने संसार की सबसे बड़ी नदी एमेजॉन का नाम इसलिए चुना ,क्योकि वे संसार के सबसे बड़े ऑनलाइन बुकसेलर बनना चाहते थे।  उनकी वेबसाइट ऑनलाइन बुकस्टोरके रूप में शरू हुई ,लेकिन बाद में यंहा डीवीडी ,सीडी ,सॉफ्टवेयर ,वीडियो गेम ,इलेक्ट्रॉनिक्स ,कपडे ,फर्नीचर ,खिलोने और आभूषण  भी बिकने लगे। ऐमज़ॉन कंपनी एक गैरेज में शुरू हुई थी और वह भी केवल तीन कंप्यूटर से। ऑनलाइन बिक्री का सॉफ्टवेयर खुद बेजोस ने बनाया और तीन लाख डालर की शुरूआती पूँजी उनके माता -पिता ने लगाईं। कंपनी की स्थापना के वक़्त उनके पिता ने उनसे पहला सवाल यह पूछा था ,इंटरनेट क्या होता है। ?उनकी माँ ने बाद में कहा ,हम इंटरनेट पर दाव नहीं लगा रहे है। हम तो जेफ़ पर दाव लगा  रहे थे। माता -पिता का यह विश्वास शत -प्रतिशत सही साबित हुआ और एमेजॉन के 6 प्रतिशत शेयर के मालिक होने के कारण सन 2000 में माता -पिता अरबपति बन गए। 



एजुकेशन :

जब बेजोस नौकरी छोड़कर एमेजॉन शुरू करने के बारे में सोच रहे थे तब उन्होंने ' न्यूनतम पश्चाताप ' की नीति के आधार पर निर्णय लिया उन्होंने सोचा की 80 साल की उम्र में उन्हें नौकरी छोड़ने का अफ़सोस नहीं होगा ,लेकिन इस बात का अफ़सोस जरूर होगा की उन्होंने ऑनलाइन गोल्ड रश से फायदा नहीं उठाया। उन्होंने बाद में कहा , में जानता था की यदि में नाकाम हुआ तो मुझे उसका अफ़सोस नहीं होगा लेकिन में यह बात अच्छी तरह जानता था की कोशिश न करने का अफ़सोस हमेशा होगा। इसलिए उन्होंने कोशिश कर दी। .. और सफलता के शिखर पर पहुंच गए। 








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